युजवेंद्र चहल का हृदय विदारक सफर: तलाक, डिप्रेशन और क्रिकेट से जंग की कहानी

क्यों पढ़ें यह आर्टिकल?

युजवेंड्रा चहल के इस कच्चे-खुले इंटरव्यू में उन्होंने पहली बार खोला अपने:

- तलाक के बाद सुसाइडल थॉट्स का दौर  

- 2019 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल का गिल्ट  

- सोशल मीडिया ट्रोल्स से जूझने की रणनीति  

- भविष्य में प्यार करने के डर का सच  


Yuzvendra Chahal divorce details


भाग 1: तलाक का आघात और मानसिक संघर्ष  

चहल ने खुलासा किया कि तलाक के बाद वे 45 दिनों तक गहरे डिप्रेशन में थे:  

- सुसाइड थॉट्स: "रोज मन में आता था - जिंदगी खत्म कर लूं"  

- एंग्जाइटी अटैक: चेहरा सुन्न हो जाना, पसीना छूटना, हाथों का ठंडा पड़ना  

- नींद गायब: रात में सिर्फ 2-3 घंटे सो पाते थे  


 "मेरे क्लोज फ्रेंड्स प्रतीक पवार और प्रियंक तलान बिना फोन किए फ्लाइट पकड़कर आए। 24 घंटे साथ रहे। उनके बिना शायद मैं नहीं बच पाता।"


भाग 2: क्रिकेट करियर का रोलरकोस्टर  

✅ टीम इंडिया से बाहर होने का दर्द  

- 2023 वर्ल्ड कप में छूटने पर: "लेफ्ट आउट फील हुआ, पर टीम जीत रही थी तो प्राथमिकता वही थी"  

- बेंच पर बैठने की मानसिकता: "जर्सी पहनते ही गर्व होता है, चाहे बेंच पर ही क्यों न बैठूं"  


कमबैक स्टोरी  

- IPL 2024 में KKR के लिए **62 रन देकर 3 विकेट** लेने के बाद आत्मविश्वास वापसी  

- गुप्त रणनीति: "मैच से पहले अपनी पुरानी हाइलाइट्स देखता हूं, याद दिलाता हूं कि मैं चैंपियन हूं"  


भाग 3: सोशल मीडिया वॉर  

चहल पर सबसे बड़े झूठे आरोप:  

1. "चीटर" का टैग लगना: "मैंने कभी चीट नहीं किया, मैं लॉयल इंसान हूं"  

2. तलाक के बाद खुश दिखने पर ट्रोल: "लोगों को लगा डिप्रेशन में क्यों नहीं है?"  


अब मैं ट्रोल्स को जवाब नहीं देता। मेरे क्लोज वन्स जानते हैं सच्चाई, बाकियों को प्रूव करने की जरूरत नहीं।


भाग 4: भविष्य की चुनौतियां  

| क्षेत्र | डर | आशा |  

प्यार | फिर से धोखा खाने का डर | "पहले खुद को संभालूंगा, फिर रिश्ते के लिए तैयार होऊंगा" |  

क्रिकेट | 2027 तक टीम इंडिया में वापसी | "आईपीएल में परफॉर्म करना मेरा फोकस, बाकी अपने आप होगा" |  

सोशल लाइफ | अकेलेपन का भय | "मैं अब सोलो ट्रिप पर जाने की हिम्मत जुटा रहा हूं" |  


चहल के जीवन से 5 सबक  

1. मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें: थेरेपी लेने में संकोच न करें  

2. झूठे आरोपों का सामना: सच्चाई के लिए लड़ने से ज्यादा जरूरी अपने आप पर भरोसा रखना है  

3. टीम से ऊपर नहीं: टीम की जीत व्यक्तिगत सफलता से बढ़कर  

4. वक्त ही सही है: तलाक के बाद खुद को संभालने के लिए समय देना जरूरी  

5. दोस्तों का साथ: वास्तविक रिश्ते कठिन समय में ही पहचाने जाते हैं  


| सवाल | जवाब |    

क्या चहल ने थेरेपी ली? | नहीं, दोस्तों और परिवार के सहारे ठीक हुए |  

आईपीएल में कैसा प्रदर्शन? | 2024 में KKR के लिए मैच विनर रहे |  

अब किससे बातचीत? | पूर्व पत्नी से कोई संपर्क नहीं |  


 चहल का अंतिम संदेश:  

 "आज मुझे पता है कि क्रिकेट से बड़ा मेरा मानसिक स्वास्थ्य है। 2023 में मैंने पहली बार क्रिकेट से ब्रेक लेकर यह सीखा। अगर आप भी किसी अंधेरे दौर से गुजर रहे हैं, तो एक बात याद रखें - ये वक्त गुजर जाएगा, बस खुद पर भरोसा रखें।"



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